एलोवेरा के गुण 15 चमत्कारी औषधीय गुण तथा फायदे -AloeVera Medicinal Benefits In Hindi

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Aloe Vera Medicinal Benefits In Hindi
                aloevera ke gun

एलोवेरा के गुण:आज हम एलोवेरा (Aloe vera) की चर्चा करेंगे और एलोवेरा के गुण और एलोवेरा के फायदे के बारे में आपको विस्तार से बताएँगे।

घृत कुमारी (Ghritkumari) या ग्वारपाठा (Gwarpatha) का वैज्ञानिक नाम एलोवेरा (Aloe vera) है। एलोवेरा तना रहित या बहुत छोटे तनों के साथ तेजी से फैलने वाला पौधा है जो लम्बाई में 60 से 100 सेंटीमीटर तक बढ़ता है।

एलोवेरा का वानस्पतिक नाम एलो बारबाडेंसिस मिलर (Aloe Barbadensis Miller) है।

यह 5000 वर्ष पुरानी औषधि है जिसकी 250 उपजातियां हैं। इनमें से कुछ ही औषधीय गुण वाली होती हैं जिनमें सबसे प्रभावी प्रजाति Barbadensis Miller है।

इसकी भौगोलिक उत्पत्ति सूडान की मानी जाती है तथा बाद में यह भूमध्य भाग में और अन्य स्थान जैसे अफ्रीका,एशिया,भारत,यूरोप तथा अमेरिका में पाई जाने लगी।

हमारे शरीर को 21 एमिनो एसिड की जरुरत होती है जिसमें से 18 केवल एलोवेरा में ही मिल जाते हैं।

एलोवेरा में कई विटामिन पाए जाते हैं जैसे विटामिन बी, विटामिन सी, विटामिन ई और विटामिन बी1,बी6 और बी12 आदि ।

इसमें कई खनिज भी पाए जाते हैं जैसे आयरन, कैल्शियम, तांबा, सोडियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, सेलेनियम, जस्ता आदि।

एलोवेरा की पत्तियां घनी और चमकदार होती हैं। एलोवेरा का एक्सट्रेक्ट (अन्दर का गुदा वाला भाग) कॉस्मेटिक प्रोडक्ट बनाने और आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने में होता है।

Table of Contents

विभिन्न रोगों में एलोवेरा/ग्वारपाठा के फायदे

aloevera ke gun

1.इम्यून सिस्टम /प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में एलोवेरा का उपयोग

एलोवेरा में शक्तिशाली एंटीआक्सिडेंट होता है जो प्रतिरक्षा प्रणाली या इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है ।एलोवेरा का नियमित प्रयोग हमें बैक्टीरिया तथा वायरल संक्रमणों से बचाता है तथा हमें फुर्तीला बनाता है।

2. त्वचा में निखार के लिए एलोवेरा के फायदे

 एलोवेरा का एक गिलास जूस रोजाना पीने से चिकनी, मुलायम, बेदाग़ और स्वस्थ त्वचा पा सकते हैं। एलोवेरा का जूस बढ़ती उम्र के निशानों को भी कम करता है और त्वचा के सेल्स की मरम्मत करता है।

एलोवेरा के गुदे में मुल्तानी मिट्टी या चन्दन का पावडर मिलाकर लगाने से त्वचा के कील मुंहासे ठीक हो जाते हैं.

एलोवेरा के रस में गुलाब जल मिलाकर त्वचा पर लगाने से त्वचा की नमी बरक़रार रहती है तथा खोई हुई नमी लौटती है.

3.सूजन कम करने में एलोवेरा के प्रयोग

एलो वेरा में Anti-Inflamatory (सुजनरोधी ) गुण होते हैं जो इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (Irritable Bowel Syndrome) जो आंतों का रोग है इसमें सुजन और दर्द कम करने में फायदेमंद है.

जोड़ो के दर्द की शिकायत वाले मरीजों में भी एलोवेरा काफी कारगर होता है. एलोवेरा का जेल अथवा ताजा काट कर उसके गुदे का रस से घुटनों तथा जोड़ों पर लेप लगाने से काफी आराम मिलता है।

जोड़ों के दर्द वाले मरीजों को कम से कम 40 मिनट हर रोज इसका लेप लगाकर धूप में बैठना चाहिए जिससे जल्दी आराम मिल सकता है।

4.पाचन में सुधार के लिए एलोवेरा के औषधीय गुण

एलोवेरा में 95% पानी होता है जो पाचन तंत्र को सही रखने में मददगार होता है तथा इसके प्रयोग से पेट का अल्सर भी ठीक होता है।

एक चम्मच एलोवेरा का सेवन कब्ज को दूर करता है।यह भूख बढ़ाने में और वजन बढ़ने पर नियंत्रण रखने में भी फायदेमंद है।

सुबह उठकर खाली पेट एलोवेरा के जूस के सेवन से कब्ज की समस्या दूर होती है तथा यह शरीर को डीटाक्स (विषहरण) करता है.

5.वजन कम करने में ग्वारपाठा के उपयोग

एलोवेरा पचने में समय लेता है। जिससे शरीर को एनर्जी मिलती है और वजन कम होता है।

इम्यून सिस्टम रेगुलेट होता है और शरीर से विषैले पदार्थों का डिटॉक्सीफिकेशन होता है क्योंकि एलोवेरा में एंटी ऑक्सीडेंट गुण भी पाये जाते हैं।

6.मुहांसों के इलाज में एलोवेरा के गुण

aloevera gel ke fayde

एलोवेरा के एंटीसेप्टिक गुण मुँहासे को कम करने में मदद करते है। यह पूरी तरह से मुँहासे का इलाज नहीं करता है लेकिन काफी हद तक सूजन और त्वचा की लालिमा को कम कर देता है।

इसके रस या जेल को मुँहासे का इलाज करने के लिए सीधे त्वचा पर लगा सकते हैं।

7.सनबर्न कम करने में एलोवेरा के फायदे

एलोवेरा जेल में दो हार्मोन, Axim और Gibberellins मिलते हैं जो कि सूरज से झुलसी त्वचा की रक्षा करते हैं। यह त्वचा की सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करते हैं जो कि त्वचा के घावों को जल्दी भरते हैं।

एक एलोवेरा का अन्दर वाले भाग का टुकड़ा लेकर झुलसी त्वचा पर हल्के से रगड़ने से त्वचा मुलायम होती है तथा सनबर्न से रहत दिलाती है.

8. प्राकृतिक मॉइश्चराइजर के रूप में एलोवेरा

aloevera use in moisturizer

एलोवेरा सूखी त्वचा के लिए एक प्राकृतिक मॉइश्चराइजर के रूप में कार्य करता है। एलोवेरा जेल सूखी त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है। एलोवेरा में प्राकृतिक रूप से मॉइश्चर बंद रहता है और यह जेल त्वचा को हाइड्रेटेड (hydrated) रखता है जिससे त्वचा लचीली बनती है। 

यह त्वचा को ऑक्सीजन प्रदान करके त्वचा के ऊतकों को मजबूत करता है और त्वचा स्वस्थ रखता है।

9. अंडर आई डार्क सर्कल्स के लिए लाभ

 एलोवेरा जेल में आँख के लिए जरुरी विटामिन ए, सी, ई, और विटामिन बी12 और विटामिन के पाये जाते हैं। इसके पौष्टिक जेल में मैग्नीशियम, कैल्शियम, जिंक और अमीनो एसिड जैसे खनिज होते हैं।

इसके नियमित प्रयोग से अंडर आई डार्क सर्कल्स कम करने में लाभ मिलता है.

10. होठों का प्राकृतिक लिप बाम है एलोवेरा 

एलोवेरा युक्त लिप बाम बहुत फायदेमंद होता है यह सूखे तथा फटे होंठों को मॉइश्चराइज करता है तथा आराम दिलाता है.

11. एलोवेरा का बालों के लिए लाभ 

बालों के झड़ने के इलाज के लिए एलोवेरा प्राचीन मिस्र के समय से ही प्रयोग किया जा रहा है। एलोवेरा में बालों को तेजी से बढ़ाने वाले एंजाइम शामिल हैं।

एलोवेरा में proteolitic एंजाइम पाया जाता है जो सिर की मृत त्वचा कोशिकाओं के उन्मूलन के लिए काम करता है। 

एलोवेरा बालों की नमी को बरकरार रखता है जिससे बाल मजबूत और चमकदार बनते हैं। बालों में रूसी की समस्या से निपटने और खुश्क बालों के लिए भी एलोवेरा बेहद लाभकारी है। यह एक बढ़िया हेयर कंडीशनर भी है.

12. फोड़े फुंसी में ग्वारपाठा के फायदे

aloevera/gwarpatha uses in wounds

बरसात के समय गर्मी,उमस के कारण फोड़े फुंसी और खुजली जलन में भी एलोवेरा का रस लगाने से राहत मिलती है.

दिन में 3-4 बार लगाने से वो ठीक भी हो जाते हैं.

13.मधुमेह/डायबिटीज को कम करने में लाभदायक

एलो वेरा का सेवन रक्त शर्करा के पुराने उच्च स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

हालांकि इस क्रिया के पीछे का तंत्र बिल्कुल स्पष्ट नहीं है, इसे मधुमेह के प्रबंधन के लिए एक प्राकृतिक आहार के रूप में शामिल किया जा सकता है।

मधुमेह/डायबिटीज को नियंत्रित करने में तुलसी के लाभ

14.दांतो के स्वास्थ्य में एलोवेरा के उपयोग

daant ke swasthya me aloevera ke fayde


एलोवेरा जेल का उपयोग दांतों से प्लाक को हटाने और मुंह में बैक्टीरिया के वृद्धि को रोकने के लिए किया जा सकता है।

यह दांतों के ख़राब होने की रोकथाम में भी सहायता करता है, मसूड़े की सूजन को कम करता है.एलोवेरा का प्रयोग कई माउथवॉश में भी प्रभावी रूप से किया जाता है.

15.फटी एड़ियों की समस्या दूर करे एलोवेरा

फटी एड़ियों की समस्या होने पर रात में सोने से पहले फटी एड़ियों पर एलोवेरा जेल की मालिश करने से एड़ियां मुलायम होती हैं तथा रूखेपन और दर्द से राहत मिलती है.

एलोवेरा जेल में विटामिन ई कैप्सूल और नारियल तेल मिलाकर लगाने तथा एड़ियों को हल्के गर्म पानी से धोकर मॉइश्चराइजर लगाने से जल्दी फायदा होता है.

एलोवेरा के प्रयोग में कुछ सावधानियां

ऐलोवेरा का उपयोग लगभग हर बीमारी के इलाज में संभव है, फिर भी कुछ परिस्थितियों में ऐलोवेरा फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है।

ऐसे में ऐलोवेरा का प्रयोग करने से पहले हमेशा ही चिकित्सक का परामर्श लेना जरूरी है।

आइए आपकी जानकारी के लिए बताते हैं कि किन परिस्थितियों में ऐलोवरा का प्रयोग नहीं करना चाहिए: 

1. एलर्जी (Allergy):


यदि आपको लहसुन (Garlic), प्याज (Onion) या टयूलिप (Tulip) आदि से एलर्जी है तो संभव है आपको ऐलोवरा भी सूट नहीं करेगा।

ऐलोवेरा भी लिलियासे फेमिली (Liliaceae family) से आता है जिससे लहसुन, और प्याज भी आते हैं. ऐलोवरा जेल के लंबे समय तक इस्तेमाल करने से पलकों पर लालिमा, और त्वचा में सूजन आदि समस्याएं देखी गई हैं।

2. रक्त संबंधित समस्याएं (Blood related problems):


ऐलोवेरा रक्त में शर्करा की मात्रा कम कर सकता है। मधुमेह या हाइपोग्लाइसीमिया (Diabetes or Hypoglycemia) से पीड़ित लोगों को सावधानी पूर्वक या चिकित्सक के परामर्श के बाद ही इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

ऐलोवेरा के अधिक इस्तेमाल से रक्तस्त्राव (Bleeding) या रक्त में विकार (Blood infection) का खतरा भी बढ़ सकता है।

3. हृदय संबंधी बीमारी में न करें इस्तेमाल (Do not use in heart related disease):

दिल की बीमारी या इलेक्ट्रोलाइट (Heart Disease or Electrolyte Abnormalities) असामान्यताओं से पीड़ित रोगियों को एलोवीरा का प्रयोग सावधानी से करने की सलाह दी जाती है। 

4. गर्भावस्था और स्तनपान (Pregnancy and Breastfeeding):

गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान भी ऐलोवेरा कम से कम या बिलकुल प्रयोग नहीं करना चाहिए। 

अन्य साइड इफेक्ट (More side effects):

– पेट में ऐंठन (Abdominal cramping)

– त्वचा की एलर्जी (Allergic skin reaction)

– कब्ज (constipation)

– दस्त (Diarrhea)

– इलेक्ट्रोलाइट इंबेलेंस (Electrolyte imbalance)

– रक्त में पोटेशियम की कमी (Low potassium in the blood)

– मांसपेशियों में कमजोरी (Muscle weakness, )

– त्वचा और पलकों की लालिमा (Redness of the skin and eyelids)

–  12 साल से कम के बच्चों को एलोवेरा को खाना नहीं चाहिए।

नोट (Note): ऐसी परिस्थितियां ज्यादा मात्रा में ऐलोवेरा के इस्तेमाल से या फिर गलत तरीके से या बिना चिकित्सक के परामर्श के ऐलोवेरा के इस्तेमाल से होना संभव है।

सीमित मात्रा में ऐलोवरा का प्रयोग कभी हानिकारक नहीं होता। किसी भी जड़ी बूटी के प्रयोग से पहले चिकित्सक का परामर्श आवश्यक है।

अक्सर लोगों द्वारा पूछे जाने वाले सवाल :-




1)एलोवेरा कौन कौन सी बीमारी में काम आता है?
एलोवेरा चेहरे से सम्बंधित हर रोग में लाभकारी है जैसे मुहांसे,सनबर्न,अंडर आई डार्क सर्कल (आँखों के निचे काले धब्बे) तथा त्वचा में निखार के लिए.यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है तथा कई रोगों से बचाता है जैसे जोड़ों का दर्द,पेट की समस्या,सुजन कम करने में आदि.

2)एलोवेरा जूस कब और कैसे पीना चाहिए?
एलोवेरा का जूस सुबह खली पेट पीना ज्यादा लाभकारी है क्योंकि सुबह उठकर खाली पेट एलोवेरा के जूस के सेवन से कब्ज की समस्या दूर होती है.तथा शारीर को डेटोक्स (विषहरण) करता है.

3)सुबह खाली पेट एलोवेरा खाने से क्या होता है?
सुबह उठकर खाली पेट एलोवेरा के जूस के सेवन से पेट साफ़ होता है और कब्ज की समस्या दूर होती है.

4)एलोवेरा का जूस कितने दिन पीना चाहिए?
एलोवेरा का सिमित मात्रा में सेवन लगातार किया जा सकता है लेकिन बीच बीच में कुछ दिन का अंतराल सही रहता है.

5)एलोवेरा की तासीर क्या है?
एलोवेरा की तासीर गर्म होती है.अतः गर्भावस्था में तथा स्तन पान के दौरान इसका उपयोग नहीं करना चाहिए.

6)एलोवेरा में कौन सा विटामिन है?
एलोवेरा में कई विटामिन पाए जाते हैं जैसे विटामिन बी, विटामिन सी, विटामिन ई और विटामिन बी1,बी6 और बी12 ।

 


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2 thoughts on “एलोवेरा के गुण 15 चमत्कारी औषधीय गुण तथा फायदे -AloeVera Medicinal Benefits In Hindi”

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